पिछले जन्म का स्मृतिलोप (पिछले जन्म का भूल जाना)

भाग्य के कारण कई चीज़ें गलत समय पर गलत जगह पर, गलत लोगों के साथ, फिर से गलत समय पर होने की वजह से हैं; दुर्घटनाएँ, बीमारियाँ, एक दिन या एक मिनट की वजह से कुछ छूट जाना, आदि। यह सब ज्ञान की कमी का परिणाम है। पुनर्जन्म एक सच्चाई है। जब हम एक नए जीवन में प्रवेश करते हैं तो हम खुद को अपने साथ ले जाते हैं। इसमें पिछली भावनात्मक समस्याएं और पहले की कंडीशनिंग (अनुकूलन), गलत विश्वास, दुख (दु: ख), दर्द आदि शामिल हैं। जब हम एक नए अस्तित्व में प्रवेश करते हैं, तो हम भूलने की बीमारी के तहत ऐसा करते हैं। कुछ प्रयोगों के संबंध में जानकारी उपलब्ध है। इनमें से कई को जनता से दूर रखा गया है इनके निर्दयी स्वभाव के कारण, पशु और मानव दोनों पर बनावटी रूप से दी गयी भूलने की बीमारी के प्रभावों को पढ़ना और यह सीधे मस्तिष्क में फीडबैक (प्रतिक्रिया) सर्किट को कैसे प्रभावित करता है यह जानना। आत्म-जागरूकता के साथ, कोई नियंत्रण पा सकता है, लेकिन दूसरी ओर, जब फीडबैक सर्किट भूलने की बीमारी की वजह से अवरुद्ध हो जाता है, तो किसी के रोका जाता है दिमाग में समस्या प्रोग्रामिंग को सुधारने से।

रूसी मनोवैज्ञानिक इवान पावलोव ने कुत्तों पर कई प्रयोग किए। हम में से अज़्यादातर लोग कंडीशनिंग के सिद्धांत से परिचित हैं, जिसे मनोविज्ञान 101 में पढ़ाया जाता है। एक घंटी बजने के बाद कुत्तों को खाना दिया गया। घंटी, कई बार के बाद, कुत्ते को लार टपकाने (भोजन की प्रत्याशा) की वजह बनी, भले ही उसके बाद खाना दिया जाए या नहीं। आवाज़ ने कुत्ते में भूख पैदा की। दो अलग-अलग उत्तेजनाएं एक दूसरे से कुछ सेकंड के अंदर लागू होने से मस्तिष्क में एक अनैच्छिक प्रतिक्रिया पैदा होगी।

उसके कई प्रयोग कंडीशनिंग से परे गए। वह संबंध द्वारा कुत्तों और अन्य जानवरों में नर्वस ब्रेकडाउन (तंत्रिका अवरोध) उत्पन्न करने में सक्षम था। भूखा जानवर भोजन के लिए जाता था और वह दर्दनाक झटके, अत्यधिक तेज़ आवाज़, चिलचिलाती गर्मी के विस्फोट या अन्य उत्तेजनाओं को लागू करता था और जीवित रहने बनाम भय / दर्द की स्थिति पैदा करता था। इसने जानवरों में न्यूरोसिस और मानसिक बीमारी पैदा की, उसी तरह ईसाई चर्च ने संभोग (यौन-क्रिया) के परहेज़ को लागू करके और अन्य सामान्य और प्राकृतिक जरूरतों को नकारकर अरबों के मानसिक स्वास्थ्य को बर्बाद कर दिया है। कामुकता जीवन शक्ति के बराबर है; परहेज़ विक्षिप्तता पैदा करता है । शत्रु (दुश्मन) देव मानव मन के बारे में और इसे कैसे नष्ट करना है सब कुछ जानते हैं ।

एक और रूसी वैज्ञानिक, ए आर लुरिया ने पावलोव के प्रयोग जारी रखे, लेकिन इस बार मनुष्यों पर। (सीआईए भी ऐसा करती है, लेकिन जनता से बहुत कुछ छुपाया गया है)। लुरिया ने पाया कि मनुष्य, याद रखने में सक्षम होने के कारण, प्रोग्रामिंग का विरोध करने और अपने दिमाग को बहाल करने (वापस लाने) में सक्षम थे तर्कसंगत (समझदार) विचार और इच्छा के उपयोग के माध्यम से । लुरिया, ( और बाद के वर्षों में सीआईए) ने अपने कर्ताओं में बिजली के झटके के उपचार के माध्यम से भूलने की बीमारी को प्रेरित किया, और नशीली दवाओं से समाधि अवस्था प्रेरित की जिसमें 99.9% मानवता को सम्मोहित और पुन: प्रोग्राम किया जा सकता है।

मानसिक बीमारी के इलाज और नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रिक शॉक उपचार का उपयोग किया गया है। इलेक्ट्रिक शॉक उपचार रेट्रोग्रेड एम्नेसिया (घटनापूर्व स्मृतिलोप, घटना से पहले हुए को भूलने की बीमारी) का कारण बनता है। (बिजली के) झटके की तीव्रता और आवृत्ति के अनुसार यादें नष्ट हो जाती हैं। उच्च स्तरीय इलेक्ट्रिक शॉक उपचार के साथ, व्यक्ति अपने नाम, पहचान या अतीत को याद करने में असफल होता है। विषय (मरीज) अत्यंत शांत और वर्तमान में केंद्रित हो जाता है। 1975 की अंग्रेज़ी फिल्म, "वन फ्ल्यू ओवर द कुकुज नेस्ट" इलेक्ट्रिक शॉक उपचार के प्रभावों का एक अच्छा उदाहरण है, विशेष रूप से अंत में जहाँ जैक निकोल्सन द्वारा चित्रित किरदार को बिजली का झटका दिया जाता है जिस वजह से उसे अपरिवर्तनीय मस्तिष्क क्षति (चोट) पहुँचती है और उसे अपनी पहचान या अतीत याद नहीं रहता। 

परेशान करने वाले विचारों और झूठी यादों को किसी के दिमाग में डाला जा सकता है ऑपरेटर द्वारा किसी को बचपन या शैशव में वापस भेजकर (दिमाग और यादों में वापस) । ऑपरेटर एक पैत्रिक व्यक्ति की भूमिका निभाता है और उसे इस रूप में देखा जाता है । इसका एक प्रमुख उदाहरण था "मिशेल रिमेम्बर्स" (Michelle Remembers) पुस्तक जिसके विषय में एक ईसाई मनोचिकित्सक द्वारा झूठी यादों को प्रत्यारोपित किया गया था (डाला गया था)।

आमतौर पर विक्षिप्तता को प्रेरित करने के लिए, हालांकि हमेशा नहीं, ऑपरेटर को पीड़ित को वापस ले जाने (दिमाग और यादों में वापस ले जाने) और झूठी यादों को डालने की आवश्यकता होती है, जैसे कि माता-पिता द्वारा बच्चे का बलात्कार। हर बार सौ प्रतिशत, पीड़ित को भूलने की बीमारी का सुझाव देना पड़ता है ताकि पीड़ित को सत्र या प्रत्यारोपित (डाले गए) सुझाव याद न रहें। निंदनीय झूठी यादें, भय, और सभी प्रकार की मानसिक समस्याओं को पीड़ित के दिमाग में सुझाव द्वारा प्रत्यारोपित किया जा सकता है जैसे कि किसी प्रियजन की हत्या, तर्कहीन भय, शर्म और अपराध (पाप, दोष)।

भूलने की बीमारी किसी को परेशान करने वाली भावनात्‍मक समस्याओं को समझने और उनसे निपटने से रोकती है। अवचेतन मन उन्हें बनाए रखता है और उन पर कार्य करता है। व्यक्ति उनसे अनजान होता है केवल, अजीब, तर्कहीन भावनाएँ, अस्पष्टीकृत न्यूरोसिस (विक्षिप्त) और असामान्य व्यवहार । कुछ भी हो, समस्याएं अभी भी हैं और व्यक्ति के भविष्य के व्यवहार को प्रभावित करती हैं। ऐसा होता है जब हम पिछले जन्मों के बारे में भूलने की बीमारी का अनुभव करते हैं। हमारे पास जितने हम जानते हैं उनसे ज़्यादा अनुभव हैं हमारे अवचेतन मन में और इस जन्म में प्रभावित करते हैं । हमें समझ में नहीं आता कि बुरी चीजें क्यों होती हैं और हम कई मामलों में उनसे बचने या रोकने के लिए शक्तिहीन होते हैं।

हम खुद को बेहतर जानना शुरू कर सकते हैं और अपने जीवन पर बेहतर नियंत्रण पा सकते हैं आत्म-सम्मोहन के माध्यम से पिछले जन्मों तक पहुँच कर, सीख कर, और उन्हें हम जितना समझ सकते हैं उतना समझ कर। हम सभी को समय निकालकर अपनी समाधि की अवस्था में प्रवेश करना चाहिए और अपने मन, बचपन की यादों और पिछले जन्मों का पता लगाना चाहिए। भूलने की बीमारी के अभिशाप और ज्ञान की कमी के कारण तथाकथित (कहा जाने वाला) "कर्म" है। कर्म को ज्ञान से ही पराजित किया और हराया जा सकता है। कर्म किसी भी हठधर्मिता (सिद्धांता, धर्मत, आस्था) के अनुसार व्यवहार करना नहीं है जैसा कई नए युग के लोग और अन्य जो जूदेव/ईसाई के प्रभाव में हैं दूसरों को यकीन दिलाना चाहते हैं, बल्कि कारण और प्रभाव (परिणाम) है। ज्ञान हर चीज की चाबी है। अपने बारे में, पिछले जन्मों आदि के बारे में सब कुछ जानने से हम आज़ाद हो जाएंगे।


जिक्र-

सीक्रट, डोन्ट टैल; द एन्साइक्लोपीडिया औफ़ हिप्नोटिज़्म (गुप्त, बताओ मत; सम्मोहन विद्या का विश्वकोश), कार्ला एमरी द्वारा, 1997 [Secret, Don't tell; The Encyclopedia of Hypnotism, by Carla Emery, 1997]


मन से संबंधित जानकारी पर वापस जाएं

 

© कॉपीराइट 2002  जॉय ऑफ़ सेटन मंत्रालय; 
लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस नम्बर: 12-16457